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How to Forget the Past and Live in the Now

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चिंता पूरी क्षमता से काम नहीं करने देती।  अगर हम किसी चिंता में डूबे रहते है तो हमारे  काम में ताक़त और जोश नहीं रहता और न ही हम कुछ ठीक से कर पाते  है।  अक्सर लोग अपनी असफलता के लिए अपनी  निजी परेशानियों के लिए को दोष देते है। अपने बीते हुए कल की कमियों गलतियों में उलझे रहते है।  और दूसरी तरफ उन्हें भविष्य की चिंता उन्हें बड़े फैसले लेने और आगे बढ़ने से रोकती है। असल में भूत और भविष्य की चिंता दोनों ही हमारे दिमाग की उपज है। हम ही उन्हें अपने तरीके से बनाते है और उसे बार बार सोच कर परेशान है। हमारे सारे डर हम खुद ही बनाते है।  बीते हुए कल के लिए आप जितना मर्जी अफ़सोस कर ले उसे बदल नहीं सकते , कितना अच्छा होता के हम पीछे जाकर सब ठीक कर सकते, लेकिन ऐसा सम्भव ही नहीं लेकिन वतर्मान में रह कर अपने आने वाले कल को बेहतर बना सकते है। अगर हम भूत में उलझे रहेंगे तो वर्तमान को नहीं जी पाएंगे। चिंता में उलझे रहने से आप अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाएंगे अपने वर्तमान को जीने के लिए और अपने भूत से निकलने के लिए आपको दो काम करने की जरूर...

How to become Rich in Hindi

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गरीबी खुद को गरीब मानने में है।  - राल्फ वाल्डो एमरसन  यदि आप अमीर और कामयाब और स्वस्थ बनने का फैसला नहीं लेते है तो समझिये की अनजाने में गरीब , नाकामयाब बने रहने का फैसला कर लिया है।  दुनिया में जो कुछ भी हम देख रहे है, वो आपस में जुड़ा हुआ है।  वस्तुऐं नहीं विचार वेल्थ का जरिया है।  आपके विचार ही आपको विकसित करते है समृद्ध बनाते है।  अगर इस दुनिया के होने का कोई मक़सद है तो इसमें हमारे होने का भी एक मक़सद है, इसे खोज निकालो।  - आइस्टीन  नेपोलियन हिल ने भी अपनी किताब think and grow rich में सम्पति के आने का जरिया इंसान के दिमाग को ही बताया था। थॉमस एडिसन ने भी कहा था की विचार स्पेस से आते है।  सुनने में ये बात असंभव लगती है इस बात पर यकीन नहीं आता। लेकिन ये सच है जब विचार आपके दिमाग में आता है तो आप उसे जाहिर करने के लिए जरिये ढूंढते है। हर चीज आपके जीवन में आने से पहले आपके दिमाग में आती है।  दिमाग से गुजरे बिना वो आपके जीवन में आ ही नहीं सकती।  हम जो भी तस्वीरें अपने दिमाग के  सिनेमा में  देख...

Time Management Tips in Hindi

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अगर आप अपनी ज़िंदगी से प्यार करते है, तो वक़्त बर्बाद मत करिये क्योकि वो वक़्त ही है जिसे ज़िंदगी बनी होती है।  - ब्रूस ली  दोस्तों आज मैं आपके साथ हमारी सबसे कीमती सम्पति समय के बारे में बात करुगा। अपने विचारो के साथ मैं सुधीर दीक्षित जी की लिखी टाइम मैनेजमेंट किताब के टिप्स भी आपके साथ शेयर करने जा रहा हु , इस किताब को जरूर पढ़ियेगा। और साथ ही हमे समय की कीमत बताते कुछ बेहतरीन विचारो को शेयर कर रहा हु। यदि आप समय का मूल्य नहीं जानते तो आपका जन्म शोहरत पाने के लिए नहीं हुआ है।  - मार्क्स डे कलैंडर से धोखा न खाये। सालभर में केवल उतने ही दिन होते है जिनका आप इस्तेमाल करते है। एक व्यक्ति  सालभर में केवल एक सप्ताह का मूल्य प्राप्त करता  है, जबकि दूसरा व्यक्ति एक सप्ताह में ही पूरे साल का मूल्य प्राप्त कर लेता है।  - चार्ल्स रिचर्ड हमने बहुत बार ये सुना है समय ही धन है, और समय बहुत कीमती है। लेकिन इन बातो को मानते कितने लोग है। जिन लोगो की अपने समय पर अच्छी पकड़ होती है वो जायदा आत्मविश्वासी और खुश  है। क्या आप आधे समय में अपने लक्ष्य पा...

दुनिया के 177 करोड़पतियों की आदतों पर 5 साल रिसर्च के तथ्य।

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जो टाल-मटोल नहीं करते वही आमिर बनते है।  दुनिआ के 117  करोड़पतियों की आदतों पर 5 साल  की रिसर्च।  मेहनत सब करते है लेकिन हर कोई अमीर नहीं बनता। वजह चुनिंदा आदते।  इंसान को बनती और गिराती भी उसकी आदते है।  अपने खुद के दम पर आमिर बनने वाले लोगो में टाल-मटोल करने की आदत नहीं होती।  आज मैं आपके साथ थोमस सी करले की किताब change your habits , change your life शेयर करने जा रहा हु जिनमे उन्होंने 177 करोड़पतियों पर  5 साल की स्टडी के बाद ये निष्कर्ष निकला है।  आमिर लोग  पैसे का बेहतर इस्तेमाल करते है उन्हें गुस्सा भी कम आता है उन्होंने कहा की प्रतिभावान और मोटिवेटेड लोग भी टाल -मटोल की वजह से सफल नहीं हो पाते। वही इंसान फैसले टालता है जिसमे पैशन की कमी होती है उनके मुताबिक टालमटोल की आदत सब में होती है।  लेकिन इसे निपटने की क्षमता ही सफल या विफल बनती है।  81% लोग काम की सूचि बनाते  है उन्हें पूरा करने के लिए डेडलाइन तैयार करते है और हर हाल में उसपर अमल करते है।  नकारात्मक सोच या हमेशा शिकायत करने वालो को वो अ...

We become what we think hindi

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इंसान वैसा ही बन जाता है जैसा वो दिन भर सोचता रहता है। - गौतम बुद्ध    दिमाग ही सबकुछ है हम जो लगातार अपने दिमाग में फिल्म देखते रहते है वो सच हो जाती है। हमारे ख्याल हक़ीक़त में बदल जाते है, हम जो सोचते है उसी से हमारा भविष्य तय होता है।  जिस चीज़ पर हम ध्यान देते है वो बढ़ती जाती है चाहे वो ख़ुशी हो दुख, गरीबी, दौलत या कर्ज़ा क्योकि हम लगातार उसके बारे में सोच के उसे ऊर्जा दे रहे होते है इस ब्रमाण्ड में हर चीज में ऊर्जा है। दिमाग सबकुछ बुनता है और यही इंसान का चरित्र बनता है इसी पर निर्भर करता है की इंसान अपने सामने आने वाली समस्याओ का समाधान किस तरह करेगा। ये तय होता है की हमने दिमाग को इनसे बचने के लिए प्रोग्राम किया गया है या सामना करने के लिए।  इंसानी दिमाग हर चीज के लिए प्रोग्राम हो जाता है ये बार-बार किसी चीज को दोहराने से होता है लगातार कुछ चीजों को करने के बाद ये उसका आदि हो जाता है। हम कितना खाते है कैसा खाना खाते है, पसंद नापसंद , कैसे लोगो के साथ रहते है कितना सोशल मीडिया इस्तेमाल करते है हमारी सोच आशावादी या या निराशावादी हर चीज के लिए। ...

Positive Thinker

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जो चिन्ता से लड़ना नहीं जानते वो जवानी में ही मर जाते है।   - डॉ  अलेविक्स करेल  अगर आपके जीवन में कोई बड़ी समस्या है , तो इसका मतलब सिर्फ यही है की आप अब तक छोटे है।  सफलता का रहस्य समस्याओ से बचने या उनसे पीछा छुड़वाने या कतराने की कोशिश करना नहीं है ,रहस्य तो खुद को इतना बड़ा बनाना है की आप किसी भी समस्या से बड़े बन जाये।  एक बड़ी सोच वाला इंसान अपनी समस्याओ से बड़ा होता है।  जयादातर लोग समसयाओ से बचने के लिए लगभग कुछ भी करने को तैयार  हो जाते है वो चुनौती देख कर भाग जाते है,  दिक़्क़त यह है की समसयाओ से बचने की अपनी कोशिश में वो सबसे बड़ी समस्या को आमंत्रित कर लेते है वो है ज्यादातर वक़्त दुखी और निराश रहना।  दोस्तों ख़ुशी और सफलता का रहस्य समस्याओ  से बचने उनसे पीछा छुड़ाने या उनसे कतराने में नहीं है,  राज ये है की अपनी सोच को इतनी बड़ी कर ले की उसके आगे कोई समस्या टिक न पाए।  अगर आप सच में चिंतामुक्त जीवन जीना चाहते है तो आपके अंदर ये दो चीजे होनी चाहिए, सीखने की गहरी ललक और चिंता छोड़ने और से जीने की प्रबल इ...

Bhagwan se mangne ka sahi tareeka

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आपकी महानता इसमें नहीं है की आपके पास क्या है, ये इसमे है की आप क्या देते है। - ऐलिस हुकर मैं कई लोगो को देखता हु जो एकदम से परेशान हो जाते है जब कोई उनके पास आकर उनसे मांगता है, वो खीज जाते है और कई तो गुस्से में भी आ जाते है और मांगने वालो को धका या बुरा बोल के भगा देते है।  जिनको उनसे मांगने वालो पर गुस्सा आता है वो ये जान ले के उस ईश्वर के दर पर हम सब भिखारी है, देखिये हम ये चाहते है की वो ईश्वर हमे सब कुछ दे दे, हमारे सारे सपने पुरे कर दे , लेकिन जो हमसे मांगते है उसके ही बनाये इंसान जो हमारे मोहताज है उन्हें देने के लिए १० रूपये नहीं होते हमारे पास।  हम १ या २ रूपये देकर अपनी जान छुड़वाना चाहते है, आजकल तो एक रूपये में तो अच्छी टॉफी भी नहीं आती। अगर कोई आपसे मांगने आता है तो वो एक उम्मीद के साथ आता है जैसे हम ईश्वर के दर पर जाते है उससे मांगने उम्मीद के साथ के वो देगा। अगर आप उससे पाना चाहते है तो पहले इन्हे दीजिये जिन्हे जरूरत है जिनसे आप कई बेहतर हालत में है।  महीने, साल में चाहे एक बार दान करे, पर इतना तो करे के वो एक वक़्त का खाना अच्छे ...