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आप कैसे जान सकोगे के आपने सही साथी चुना है या नहीं ? देखिये सबसे जरूरी बात यही है की आप किसी पर भी बहुत जल्दी यकीन करके उससे रिश्ता बनाने की जल्दी नहीं करनी। अगर आप किसी इंसान को चाहती है और उससे शादी करना चाहती है तो रुकिये जल्दबाज़ी न करे क्योकि जल्दबाज़ी से बनी चीज़े जल्दी टूट भी जाती है। अगर आप किसी को पसंद करती है तो और शादी भी करना चाहती है तो सबसे पहले उस इंन्सान को अच्छे से समझिये जिस के साथ आपको सारी उम्र बितानी है। वक़्त लीजिये कम से कम 1 या 2 साल का। क्योकि उस इंसान के साथ आपको सारी उम्र रहना है। उनसे बातचीत करते रहे तो आपको काफी कुछ पता लगना शुरू हो जायेगा, अच्छी के साथ बुरी आदते भी सामने आती जाएगी। कुछ वक़्त के बाद इंसान असली रूप में आ जाते है जैसा की आपने बिग बॉस में देखा होगा वो पहले बहुत अच्छे होते है फिर धीरे धीरे वो अपने असली स्वभाव में आ जाते है। इतना वक़्त लेने के पीछे मक़सद सिर्फ यही समझना है के क्या वो भी आपको उतना प्यार करता है जितना आप करती है, क्या वो भी उतना ही गंभीर इस रिश्ते को लेकर जितने आप हो ? सिर्फ 2 या 3 मह...
ज्यादा बोलकर अपनी जुबान से अपना गला न काटे। ज्यादा बोलने वाला दुखी रहता है और कम बोलने वाला सुखी । ज्यादा बोलने से कही बेहतर है ज्यादा सुनना। क्यों ? आइये जानते है। बातचीत में दो चीजे शामिल होती है बताना और सुनना। बोलना जरुरी है लेकिन उससे भी जरुरी है सुना जाना। अगर आप बातचीत के दौरान सिर्फ अपनी ही सुनते रहते है और दुसरो को बोलने का मौका नहीं देते तो लोग या तो आपकी बात पर ध्यान नहीं देंगे या धीरे- धीरे आपसे पीछे हट जायेगे, क्योकि आप उनको बोलने का मौका ही नहीं दे रहे। सुनना ही परवाह करना है। सबसे पहले सुनिए। ये दर्शता है की आप परवाह करते है और दूसरा आपके लिए जरुरी है। सुनने और ध्यान से सुनने में बहुत फर्क होता है दुसरो को ध्यान से सुनने का मतलब है की आप उस बातचीत में सक्रिय और और दुसरो की बात और भावनाओ को समझ रहे है और उन्हें अच्छे से सुनने के बाद आप अपनी बात रखते है इस तरह बातचीत में सही संतुलन बना रहता है और आपका दुसरो के साथ अच्छा रिश्ता बन जाता है। ज्यादातर लोगो की यही शिकायत होती है के उन्हें ...
जो टाल-मटोल नहीं करते वही आमिर बनते है। दुनिआ के 117 करोड़पतियों की आदतों पर 5 साल की रिसर्च। मेहनत सब करते है लेकिन हर कोई अमीर नहीं बनता। वजह चुनिंदा आदते। इंसान को बनती और गिराती भी उसकी आदते है। अपने खुद के दम पर आमिर बनने वाले लोगो में टाल-मटोल करने की आदत नहीं होती। आज मैं आपके साथ थोमस सी करले की किताब change your habits , change your life शेयर करने जा रहा हु जिनमे उन्होंने 177 करोड़पतियों पर 5 साल की स्टडी के बाद ये निष्कर्ष निकला है। आमिर लोग पैसे का बेहतर इस्तेमाल करते है उन्हें गुस्सा भी कम आता है उन्होंने कहा की प्रतिभावान और मोटिवेटेड लोग भी टाल -मटोल की वजह से सफल नहीं हो पाते। वही इंसान फैसले टालता है जिसमे पैशन की कमी होती है उनके मुताबिक टालमटोल की आदत सब में होती है। लेकिन इसे निपटने की क्षमता ही सफल या विफल बनती है। 81% लोग काम की सूचि बनाते है उन्हें पूरा करने के लिए डेडलाइन तैयार करते है और हर हाल में उसपर अमल करते है। नकारात्मक सोच या हमेशा शिकायत करने वालो को वो अ...
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