HELLO EVERYONE HOW ARE YOU ALL IM BACK :)
We become what we think hindi
इंसान वैसा ही बन जाता है जैसा वो दिन भर सोचता रहता है। - गौतम बुद्ध दिमाग ही सबकुछ है हम जो लगातार अपने दिमाग में फिल्म देखते रहते है वो सच हो जाती है। हमारे ख्याल हक़ीक़त में बदल जाते है, हम जो सोचते है उसी से हमारा भविष्य तय होता है। जिस चीज़ पर हम ध्यान देते है वो बढ़ती जाती है चाहे वो ख़ुशी हो दुख, गरीबी, दौलत या कर्ज़ा क्योकि हम लगातार उसके बारे में सोच के उसे ऊर्जा दे रहे होते है इस ब्रमाण्ड में हर चीज में ऊर्जा है। दिमाग सबकुछ बुनता है और यही इंसान का चरित्र बनता है इसी पर निर्भर करता है की इंसान अपने सामने आने वाली समस्याओ का समाधान किस तरह करेगा। ये तय होता है की हमने दिमाग को इनसे बचने के लिए प्रोग्राम किया गया है या सामना करने के लिए। इंसानी दिमाग हर चीज के लिए प्रोग्राम हो जाता है ये बार-बार किसी चीज को दोहराने से होता है लगातार कुछ चीजों को करने के बाद ये उसका आदि हो जाता है। हम कितना खाते है कैसा खाना खाते है, पसंद नापसंद , कैसे लोगो के साथ रहते है कितना सोशल मीडिया इस्तेमाल करते है हमारी सोच आशावादी या या निराशावादी हर चीज के लिए। ...
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